



भाविप ग्रेटर द्वारा सरल विवाह कार्यक्रम का आयोजन
इसे विडंबना नहीं तो और क्या कहें? हमारे समाज में एक ओर तो बेटी के विवाह को एक अत्यन्त अनिवार्य पुनीत, सामाजिक व धार्मिक कर्तव्य बताया गया है, वहीं दूसरी ओर, हमने विवाह अनुष्ठान को इतना महंगा व खर्चीला कार्यक्रम बना डाला है कि आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों के लिये तो बेटी का विवाह अत्यन्त दुष्कर हो चला है। अपनी धन-संपदा के उन्मुक्त प्रदर्शन की होड़ कुछ लोगों में इस कदर दिखाई दे रही है कि मध्यम वर्ग के लोग तो इस होड़ में पहले ही राउण्ड में बाहर हो जाते हैं। गरीब मां-बाप तो स्वयं को गिरवी रख दें तो भी बेटी के हाथ पीले करना एक समस्या ही हो जाता है।
भारत विकास परिषद् ने धन के इस अश्लील प्रदर्शन को एक सामाजिक बुराई व समाज के कमज़ोर वर्ग के लिये अत्यंत दुःखदाई मानते हुए, देश-विदेश में फैली अपनी १००० से भी अधिक शाखाओं से यह अपेक्षा की है कि वे सब अपने-अपने क्षेत्रों में सरल विवाह आयोजन को लोकप्रिय बनायें व जहां कहीं भी आर्थिक सहायता की जरूरत अनुभव हो रही हो, वहां पूरे स्नेह व श्रद्धा के साथ विवाह आयोजन में परिवारों की हर संभव सहायता करें।
अपने इस सामाजिक उत्तरदायित्व को पहचानते हुए सहारनपुर की अग्रणी सामाजिक संस्था भारत विकास परिषद् ग्रेटर ने आज, दो कन्याओं को उनके पी के घर के लिये खुशी खुशी विदा किया। इन दोनो नव युगलों को ज्योतिष्पीठाधीश्वर एवं द्वारका शारदापीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी श्री स्वरूपानंद जी महाराज का भी आशीर्वाद प्राप्त हुआ । उनके प्रतिनिधि के रूप में शंकराचार्य आश्रम, शाकम्भरी देवी शक्ति पीठ के संचालक स्वामी सहजानंद जी पधारे और उन्होने दोनो वर-वधुओं को सफल वैवाहिक जीवन हेतु आशीष दिया।
दिल्ली रोड पर स्थित एक रिज़ॉर्ट में आयोजित इस विवाह कार्यक्रम में बारात का स्वागत करने के लिये परिषद् के सभी सदस्य परिवारों के अलावा नगर के अनेकानेक संभ्रांत नागरिक व जन-प्रतिनिधि वधु-पक्ष के रूप में हाथ जोड़े खड़े दिखाई दिये। शहनाई की स्वर लहरियों के बीच जयमाल के पश्चात् बारी आई सामूहिक भोज की। परिषद् की ओर से आयोजित इस भोज के बाद दोनो वर व वधुओं को लग्न-मंडप में बैठाने की बारी आई तो परिषद् की महिला सदस्य मंगल गीत गाते हुए दोनो वधुओं को लग्न-मंडप तक लेकर आईं। वेद की ऋचाओं के बीच सात जन्मों तक एक दूसरे का साथ निभाने की दोनो नव-युगलों ने शपथ ली। बारातियों व अतिथियों के मनोरंजन के लिये परिषद की ओर से गीतों व नृत्य की मनोरंजक प्रस्तुतियों का भी प्रबंध किया गया था।
भारत विकास परिषद् के प्रांतीय प्रमुख श्री संजय सिंहल ने कहा कि अपने जनहितकारी सद्प्रयासों से भाविप ग्रेटर ने नगर के बीच अपनी एक श्रेष्ठ छवि बनाई है। सरल विवाह के आयोजन को एक श्लाघनीय प्रयास बताते हुए उन्होंने परिषद के सदस्यों को साधुवाद दिया व कहा कि इसी प्रकार से उत्साहपूर्वक समाज को सही दिशा देने वाले कार्यक्रम आगे भी जारी रहने चाहियें ।
भाविप ग्रेटर के निमंत्रण पर बाहर से पधारी प्रांतीय प्रतिनिधि ने कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों के बीच जहां राजनीति द्वेष व वैमनस्य पैदा कर रही है, वहीं दूसरी ओर भाविप की सेवा गतिविधियां समरसता का निर्माण कर रही हैं।
इस विवाह आयोजन में मंडलायुक्त श्री आर. पी. शुक्ल ने भाविप ग्रेटर के इस प्रयास की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि जो लोग दूसरों की आंख के आंसू पोंछते हैं उनको मे्रा प्रणाम ! उन्होंने दोनो वर-वधुओं को शुभाशीष दिये व भाविप ग्रेटर के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि जब मुझे इस आयोजन का पता चला तो मैं इसमे शामिल होने का लोभ छोड़ नहीं पाया । उन्होने कहा कि ऐसे उच्च आदर्शों वाले युवा वर्ग के रहते किसी मां की आंखों में आंसू नहीं रहेंगे।
परिषद् के सदस्यों की ओर से सामूहिक सहभागिता के आधार पर नव - दंपत्ति को घर-गृहस्थी की शुरुआत करने के लिये सभी आवश्यक साजो-सामान जैसे वस्त्र - आभूषण, फर्नीचर, रसोई के बर्तन, साइकिल आदि सादर भेंट किये गये। इस कार्यक्रम में आर्थिक सहयोग की दृष्टि से परिषद द्वारा गत नवंबर मास में चिंतन स्मारिका का भी प्रकाशन किया गया था जिसका विमोचन करते हुए मंडलायुक्त श्रीयुत् आर पी शुक्ल ने भाविप ग्रेटर को सफलता हेतु आशीर्वाद दिया था।
विवाह जैसे आयोजन में महिलाओं के सहयोग के बिना सफलता की आशा करना व्यर्थ ही है। इस आयोजन की सफलता सुनिश्चित करने के लिये सभी सदस्यों ने विवाह आयोजन समिति, धन-संग्रह समिति, मंडप सज्जा समिति, भोजन समिति, अतिथि सत्कार समिति आदि गठित करते हुए योजनाबद्ध प्रयास किये अध्यक्ष श्री सुशील जैन के नेतृत्व में गठित टास्क फोर्स ने अपनी अपनी जिम्मेदारियों को पूरी मुस्तैदी से संभाला, वहीं परिषद् की महिला सदस्यों ने दिन रात एक करके घर-गृहस्थी के साजो-सामान की खरीदारी की, वस्त्र-आभूषण तैयार किये व विवाह स्थल पर भी स्वागत - मंडप - भोजन आदि व्यवस्थाओं में सहयोग देती रहीं।
ये कहना अतिश्योक्ति न होगा कि सरल विवाह जैसा सार्थक आयोजन सफलता पूर्वक संपन्न करके भाविप ग्रेटर ने समाज को एक नया संदेश देने की चेष्टा की है जिसका श्रेष्ठ प्रभाव आने वाले दिनों में अवश्य दिखाई देगा।